डाॅ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125 वां स्मरण दिवस मनाया.......

 राजू शर्मा 



बैकुण्ठपुर - जिला मुख्यालय स्थित सांस्कृतिक भवन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा डाॅ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125 वां स्मरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने डाॅ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारत माता, पं.दीनदयाल उपाध्याय जी के छायाचित्र पर द्वीप प्रज्जवलित एवं पुष्पांजलि अर्पित किया कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संभागीय प्रभारी अवधेश चंदेल, जिला संगठन प्रभारी ललन प्रताप सिंह, विधायक भईयालाल राजवाड़े, एमसीबी जिला संगठन प्रभारी बाबूलाल अग्रवाल, जिलाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णबिहारी जायसवाल, केंद्रीय सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष जगदीश साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, जिला उपाध्यक्ष अशोक जायसवाल, बसंत राय, राजेश सिंह, अनिल साहू, रविशंकर राजवाड़े, जिला महामंत्री पंकज गुप्ता, उपाध्यक्ष जगदीश साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष आशादेवी सोनपाकर, जिला पंचायत सदस्य शिवकुमारी सोनपाकर, गीता राजवाड़े, जनपद उपाध्यक्ष प्यारे साहू, पूर्व नपाध्यक्ष शैलेष शिवहरे प्रमुख रूप से उपस्थित रहें। 



 इस अवसर पर संभागीय संगठन प्रभारी अवधेश चंदले ने कहा कि जनसंघ से भाजपा तक का सफर वर्ष 1953 में डॉ. मुखर्जी के सर्वोच्च बलिदान के बाद, जनसंघ पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और एल. के. आडवाणी जैसे महान नेताओं के संरक्षण में निरंतर आगे बढ़ता रहा। वर्ष 1977 में, देश से आपातकाल को समाप्त करने और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनसंघ का जनता पार्टी गठबंधन में विलय हो गया। इसके बाद, वर्ष 1980 में, भारतीय जनता पार्टी का जन्म जनसंघ के प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी के रूप में हुआ, जो उसी राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है जिसे डॉ. मुखर्जी ने सींचा था। उनके द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत एक राष्ट्र, एक संविधान, स्वदेशी, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और एकात्म मानववाद आज भी भाजपा के जीवंत मूल्य बने हुए हैं। जनसंघ की स्थापना केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में एक सैद्धांतिक राष्ट्रवादी विपक्ष का बीजारोपण था। उसी बीज से आज दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन भाजपा वटवृक्ष बनकर खड़ा है।

 उन्हांेने कहा कि, हम सब सौभाग्यशाली हैं कि वर्ष 2026 में, उनके 125वें जयंती वर्ष के अवसर पर, हम एक ऐसे नए भारत में सांस ले रहे हैं जहां उनके बुनियादी और मुख्य सपने साकार हो चुके हैं। अनुच्छेद 370 इतिहास बन चुका है। जम्मू-कश्मीर पूरी तरह से भारत का अभिन्न अंग बन चुका है। भारतीय भाषाएं अपना खोया गौरव वापस पा रही हैं। भारत पूरी दृढ़ता से आत्मनिर्भर बन रहा है। और वह दमनकारी परमिट व्यवस्था जिसने उनकी जान ली थी, उसका अब नामोनिशान नहीं है।

 जिला संगठन प्रभारी ललन प्रताप सिंह ने कहा कि, डॉ. मुखर्जी को राष्ट्रनिर्माण, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारत की अखंडता के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए उनके योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार किया गया। 

 विधायक भईयालाल राजवाड़े ने कहा कि, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि केवल उन्हें याद करना नहीं है, बल्कि निरंतर उस वैभवशाली और सशक्त भारत का निर्माण करना है जिसके लिए उन्होंने हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।

 जिलाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने कहा कि, दिल्ली में ही भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई थी। जिस राजधानी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य करते देखा, सिद्धांतों के आधार पर उनका इस्तीफा देखा, और संसद के भीतर उनके संघर्ष को देखा, वही शहर उस विचार के बीजारोपण का साक्षी भी बना, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित हुआ। दिल्ली भाजपा की संपूर्ण वैचारिक परंपरा और राजनीतिक विरासत का उद्गम स्थल है। जिन मूल्यों, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, स्वदेशी, राष्ट्रीय एकता, तुष्टिकरण का विरोध, को आगे बढ़ाने के लिए डॉ. मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी, वे आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा की मार्गदर्शक नीतियां हैं। पीएम मोदी ने कहा है भाजपा को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को आगे बढ़ाने और उन्हें लागू करने में गर्व महसूस होता है।

 कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला मंत्री शारदा गुप्ता, जिला कार्यालय मंत्री मंजू जिवनानी, जिला मीडिया प्रभारी तीरथ राजवाड़े, जिला सह सोशल मीडिया प्रभारी राकेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष अनिल खटिक, रामलखन यादव, मनेजर राजवाड़े, संजय चिकनजूरी, राजाराम राजवाड़े, दीपा विश्वकर्मा, महामंत्री रवि त्रिपाठी, सचिन मलिक, सुशीला साहू, सच्चिदानंद द्विवेदी, बालकृष्ण देवांगन, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रीता यादव, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष सतेन्द्र राजवाड़े, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष कृष्णा प्रजापति, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष शिवचरण साहू, अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष विमलचंद चेरवा, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष दिलराज रवि, मनोज साहू, साक्षी सिंह, पुष्पलता राजवाड़े, अहिल्या राजवाड़े, कमलेश एक्का, लहरे सोनवानी, विक्की सारथी, रमेश जायसवाल, प्रेमप्रकाश पाण्डेय, जय चक्रधारी, सुखदेव राजवाड़े, मयंक राठौर, सुभाष साहू, भुवन साहू, अनिता गुप्ता, सुमनकांत तिवारी, रोशन राजवाड़े, अभिजीत दुबे सहित पार्टी कार्यकर्तागण उपस्थित रहें।

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